जिंदगी का फलसफा

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aashutosh mishra


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हम गुस्सा नहीं करेंगे

Posted On: 2 Oct, 2016  
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lifestyle में

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गांधीगीरि पर भरोसा रख ‘मुन्‍ना’

Posted On: 24 Mar, 2013  
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Others में

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…आया फागुन

Posted On: 28 Feb, 2013  
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‘तुम’

Posted On: 14 Oct, 2012  
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“सूखा”

Posted On: 14 Sep, 2012  
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“प्रदूषण”

Posted On: 14 Sep, 2012  
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हर वक्‍त सफर

Posted On: 7 Sep, 2012  
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…यहां जिंदगी अभिशाप है।

Posted On: 28 Aug, 2012  
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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

के द्वारा: aashutoshmishra aashutoshmishra

के द्वारा: अनिल कुमार ‘अलीन’ अनिल कुमार ‘अलीन’

आदरणीय अनिल जी, सादर अभिवादन! आपस सुभचिंतक मिला परम सौभाग्य है........कवि ह्रदय के साथ मैंने जो किया सो आपके सामने है.........कई बार ऐसा लगता है की इससे अच्छा हो सकता था.......पर इन पंक्तियों में मैंने अपने मानस में चल रहे संवाद को डाला है.......सुझाव के लिए आभार! ...........हाँ मैं दोबारा इस कविता के संवर्धन के लिए प्रयास नहीं करने वाला क्योंकि ख़बरें लिखना मेरा पेशा है.........यह समय मिलने पर सामने आने वाला मेरा शौक, कुछ और लिखूंगा तो वह भी आपके सम्मुख प्रोसुंगा .......साथ ही आपसे आग्रह है की आपको इन पंक्तियों के स्थान पर जो उचित लगे उन पंक्तियों को लिखकर मुझे भेजने की कृपा करें...घर से ८०० मील दूर पत्रकारिता के दौरान मुझे लगा की परिवार से दुरी कमजोर बना रही है........इसी तन्हाई में आत्मबल को बटोरने की नीयत से यह कविता लिखी.......सो लक्ष्य से भटकने के मोड पर ही खुद को सम्भालने और प्रेरित करने की कोशिश है........ और मित्र आलोचना जैसी समृद्ध विधा के लिए भी कुछ तो बाकि रखना भी तो अपना फर्ज बनता है. हा........हा....हाहा!

के द्वारा: aashutoshmishra aashutoshmishra

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